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भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे कौन-कौन से हैं


  • इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नई दिल्ली में स्थित है|
    छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मुंबई में स्थित है| नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कोलकाता में स्थित है| साराभाई अन्ना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा चेन्नई में स्थित है| बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नागपुर में स्थित है| वल्लभभाई सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अहमदाबाद में स्थित है| गोपीनाथ बडोली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गुवाहाटी में स्थित है| चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लखनऊ में स्थित है| श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अमृतसर में स्थित है| त्रिवेंद्रम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तिरुवन तिरुअनंतपुरम में स्थित है| कालीकट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कोझीकोड में स्थित है| शेख अल आलम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा श्रीनगर में स्थित है| राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हैदराबाद में स्थित है| कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा कोच्चि में स्थित है| वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पोर्ट ब्लेयर में स्थित है |घोड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बेंगलुरु में स्थित है |मंगलुरू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मंगलुरू में है | देवी अहिल्या बाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इंदौर में है|  जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जयपुर में है | कोयंबटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कोयंबटूर में है|  तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तिरुचिरापल्ली में है  |लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा वाराणसी में है l 

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भारतीय संविधान के भाग

 

भारतीय अर्थव्यवस्था,भारतीय अर्थव्यवस्था का इतिहास PDF,Indian Economy

    भारतीय अर्थव्यवस्था   का   इति‍हास ऐति‍हासि‍क रूप से भारत एक बहुत वि‍कसि‍त आर्थिक व्‍यवस्‍था थी जि‍सके वि‍श्‍व के अन्‍य भागों के साथ मजबूत व्‍यापारि‍क संबंध थे । औपनि‍वेशि‍क युग (  1773-1947 )  के दौरान ब्रि‍टि‍श भारत से सस्‍ती दरों पर कच्‍ची सामग्री खरीदा करते थे और तैयार माल भारतीय बाजारों में सामान्‍य मूल्‍य से कहीं अधि‍क उच्‍चतर कीमत पर बेचा जाता था जि‍सके परि‍णामस्‍वरूप स्रोतों का द्धि‍मार्गी ह्रास होता था । इस अवधि‍ के दौरान वि‍श्‍व की आय में भारत का हि‍स्‍सा  1700  ए डी के  22.3  प्रति‍शत से गि‍रकर  1952  में  3.8  प्रति‍शत रह गया ।  1947  में भारत के स्‍वतंत्रता प्राप्‍ति‍ के पश्‍चात अर्थव्‍यवस्‍था की पुननि‍र्माण प्रक्रि‍या प्रारंभ हुई । इस उद्देश्‍य से वि‍भि‍न्‍न नीति‍यॉं और योजनाऍं बनाई गयीं और पंचवर्षीय योजनाओं के माध्‍यम से कार्यान्‍वि‍त की गयी ।                                    ...

सिन्धु घाटी सभ्यता ,Sindhu Ghati Sabhyata Significant Inquiries

  इतिहास का पिता किसे समझा जाता है? हेरोडोटस |   जिस काल में मानव की घटनाओं का कोई लिखित वर्णन नहीं होता उसे प्रागैतिहासिक काल कहा जाता है मानव जीवन की घटनाओं का लिखित वर्णन इतिहास कहलाता है आग का आविष्कार पुरापाषाण युग में हुआ पुरापाषाण युग में मानव की जीविका का मुख्य आधार शिकार करना थ|   पहिए का आविष्कार नवपाषाण युग में हुआ हड़प्पा सभ्यता का प्रचलित नाम सिंधु घाटी की सभ्यता है सिंधु की सभ्यता का काल 2520 अपूर्व से 1750 ईसापुर माना जाता है सिंधु घाटी की सभ्यता में सर्वप्रथम घोड़े का अवशेष  सुरकोतदा में मिला सिंधु घाटी की सभ्यता के लोगों का मुख्य व्यवसाय व्यापार था   हड़प्पा की सभ्यता किस युग की सभ्यता है? सिंधु घाटी की सभ्यता में घर ईटों से बने होते थे हड़प्पा के लोग कपास की खेती करते थे हड़प्पा की खोज सर्वप्रथम  दयाराम साहनी ने की सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख बंदरगाह में लोथल जो कि गुजरात में है,  सिंधु घाटी सभ्यता कालीबंगा राजस्थान प्रदेश में है हड़प्पा की सभ्यता की खोज वर्ष 1921 ईस्वी में हुई हड़प्पा के लोगों को सामाजिक पद्धति उच...